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<title>وقتی چشمانت رامی بندی،نگاهم تنها می ماند</title>
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<description>شعرهای نیمه شبانه</description>
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<lastBuildDate>Thu, 07 Jan 2010 12:51:18 GMT</lastBuildDate>
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<title></title>
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<description>&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT size=3&gt;&lt;FONT size=2&gt;عمر این شعر به دو ماه می رسد اما هرگز آن را به روز نکردم به دلیل اینکه از زبان سنگین و استعاریک و فضای انتزاعی دوری کرده ام اما مثل اینکه بعضی دوستان فکر می کنند که ما بلد نیستیم شعار بدهیم (هرچند قبلن هم شعار داده ایم) بهمین دلیل مجبور شدم این شعر را که مثل خیلی از شعرهای دیگر ، برای خودم نگه داشته بودم ، برای شما هم به روز کنم و قبل از آن عذر خواهی می کنم از روح ِ آن فرعون ای که در زمان سینوهه ، آمون را شکست و آتون را برپا کرد.&lt;/FONT&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt; &lt;FONT size=4&gt;آنقدر &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تار زدن های عنکبوت را &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;توی مغزت انکار کرده ای&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;که دیگر هیچ سینوهه ای &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;نمی تواند این تومور را &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از راه فرمول های طوماری ، حتی !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;حل کند &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;بترس &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از استخوان هایی که خاک بالا می آورد &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تا در روزی که خیلی روشن است&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;محشر برقصند &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;قول می دهم نه زمین تکان بخورد نه ستاره &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;نه خورشید چکه کند &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;نه کوه &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;همه چیز مثل امروز باشد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;مثل کفر در آمده ی پیرمردی در تاکسی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;یا پیرزنی که در ایستگاه ِجمعه  &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;منتظر هیچ خون آشامی نیست &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تا باقی زندگی را &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از خلال گردن بمکد &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;پسری که توپ جمع می کند &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;می تواند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;در دروازه ها را گِل بگیرد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و دختری که در آینه یک عمر ! تعطیل شده&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;می داند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;برای گذشتن از شیشه &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;باید به جیوه ناخن کشید&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و تاریخ که از گلوی من فریاد می زند &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;می داند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;این جماعتی که می بینی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;آمون که هیچ&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از آتون هم خسته اند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;STRONG&gt;پ ن :&lt;/STRONG&gt; کامنتینگ را بسته ام به دلیل اینکه این شعر را برای نقد نگذاشته ام. &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Thu, 07 Jan 2010 12:51:18 GMT</pubDate>
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<item>
<title></title>
<link>http://lilieta.blogfa.com/post-73.aspx</link>
<description>  
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;STRONG&gt;نکاتی در رابطه با آداب کامنت نویسی در وبلاگ &lt;/STRONG&gt;&lt;STRONG&gt;عه تا&lt;/STRONG&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://www.bankol.blogfa.com/&quot;&gt;http://www.bankol.blogfa.com/&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;................................................................................... &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;مرگ &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از استخوان های پدر بزرگ &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;بیرون زده است&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;شب هایی که خواب نیستم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;ملحفه ی سفید را&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;روی صورت اش می کشم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و فکر می کنم ؛&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;چقدر شبیه مردن است       زندگی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;وقتی     تمام پله ها را     دو تا یکی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;بالا رفته باشی وُ      حالا&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تا توالت     &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;یکی دو تا        شانه پایین بیاوری&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;گوش های سنگین       بهانه اند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;حرف های ما      شنیدنی نیست&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;گاهی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;باید چشم های ضعیفی داشته باشی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تا فاتحه ات را&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از نگاه دیگران        نخوانی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt; &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Tue, 22 Dec 2009 12:07:18 GMT</pubDate>
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<item>
<title></title>
<link>http://lilieta.blogfa.com/post-72.aspx</link>
<description>&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt; 
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;زیر سیگاری &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;پر از حرف های ننوشته است&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;حرف های بی پاکتی که یادم رفت &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;توی چمدان ات بگذارم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;آن فیلتر&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;که سرخ می زند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;دختری ست که چنگ می کشد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به سر  وُ  &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;روی ریل&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;این &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;که مچاله رفته توی خاکستر&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;قطعن &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به ته خط رسیده است&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;پوکه های قطار شده&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;هر شب به خیر&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;لب های نداده می گیرند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و هر صبح &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;مرده ای &lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=4&gt;توی آینه&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;برای خودش تسلیت می فرستد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به قطار بگو برگردد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به اندازه ی کافی رفته است&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;بگو قرار شده شاعری&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;نمای آخر شعرش را&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;با نخی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;لای انگشت های تو بکشد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Thu, 03 Dec 2009 16:32:18 GMT</pubDate>
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<item>
<title></title>
<link>http://lilieta.blogfa.com/post-71.aspx</link>
<description>  
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;STRONG&gt;با تشکر از انجمن ادبی راهو که این شعر را برای نقد و بررسی در ماه آبان به روز کرده بودند و با تشکر از دوستان عزیزی که روی این کار وقت گذاشتند و مرا از نقد و نظرات ارزشمند خود بهره مند کردند. &lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;این همه عصا زیر دست ات &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;فرض کن یکی ش مار شد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از موسی که بیشتر نیستی !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به من چه که آن یکی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;دست می برد به خاک &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;طلا می کشد بیرون ،&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;این یکی دنیا را خورده &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;هی توله قی می کند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;من فقط نیش می زنم ؟&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به گلی که روی سرت گذاشته ایم !؟&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;(همان را ... بینداز بالاتر&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;دخترت نیل های عجیبی دارد &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;آبروی تو را &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;شقه شقه کرده) از نگاه ات شنیدم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به کفش های من گوش کن !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;...&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;طعم خون می دهند ؟&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;قتل که نکرده ام پشت مدارک جعلی زندگی کنم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;خودم را به خودم معرفی کرده ام &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و سر به زیر &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از باد کله ام ، عفو می خواهم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;از فرعون کمتری؟&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;اصلن فکر کن &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;اشتباهی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;کلماتی را تلفظ کرده ام &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;برای خنداندن تو ، همین!&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;.............................................&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=3&gt;&lt;STRONG&gt;جابر ترمک:&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;سلام بر دوستان عزیز&lt;BR&gt;شعر در مسیری پندگونه در سیلان است . هرچه به جلو میروی سیلان کلمات نیزشتاب بیشتری می گیرد هرچند تغییر فضاهای متفاوت اندیشه را از مسیر اصلی دور نمی کند اما روانی تصاویر هدف را در پیچ وخم ترسیمی از واهه های بی بدیل آبرنگی می کند . پرش متوالی از یک تصویر به تصویر دیگر خلاقیت تحسین برانگیز شاعر را نشان می دهد. اگر بخواهم ریزبینی کنم قسمت دوم شعر را نقطه اوج شعر می دانم : به من چه ......... شاعر در این فضا هنرمندی زیرکانه ای را بخرج داده هم مثالی زیبا می آورد وهم ته همان مثال حرفش را می زند &lt;BR&gt;کوتاهی شعر نیز مجال حرف های نگفته را ازشاعر گرفته است هرچند من شخصن با تطویل موافق نیستم اما باز شاعر با پرورش سوژه مسیر را سیلابی ادامه می دهد &lt;BR&gt;وبا یک نتیجه ای که مرا به یاد سعدی می اندازد ( من آنچه شرط بلاغ است با تو می گویم و.......)در مسیر سیلان احساس خود سدی می کشد نفوذ ناپذیر که البته قابل درک است . &lt;BR&gt;برای شما و شاعر ارجمندش آرزوی توفیق دارم.&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;کاظم رستمی:&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;شعری نمادگرا به شمار می رود ، زنجیره پیوست بین تصاویر را ایجاد کرده ، زنجیره ای که گاه دستگیره اش کلام ، گاه تصویر و گاه محتواست... حتی اگر هیچکدام از این دستگیره ها را نخواهیم که بر شعر تحمیل کنیم می بایست هوشمندی و تسلطی بر کلام داشته باشیم که ذهن مخاطب را بر سکوی سرخ تماشا برده&lt;BR&gt;و آنگاه بر زمختای صخره سنگی حجم&lt;BR&gt;پرواز از گسستگی فضا &lt;BR&gt;میهمان دیدن ش کرد&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;حتی اگر چشمهایش جا بمانند.&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;جلیل قیصری:&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;شعر از تلميحاتِ مألوف و ايهام و بخصوص استعاره و ...بهره مي گيردو بين دو عنصر مألوف شعري موسي و فرعون در يك حالت ارجاعي و دو جهان خوارگي –به شيوه هاي متفاوت –در نوسان است راوي شعر اما كسي را مورد خطاب قرار مي دهد و نيش مي زند؟ به گلي كه بر سرش ...راوي از اين تمهيدات بهره مي گيرد تا حرف خود يا خودها را بگويد و دو روي يك سكه را به چالش مي كشد كه يكي دعوي برتري از موسي را دارد و ديگري گذشتِ آن عنصر مقابل را حتي ندارد بند سوم شعر به دلايل بسيار و آمدن نقطه چين و نوعي استعارگي در بعضي از مصرع ها قدري به ابهام مي زند اما از وحدت موضوعي شعر چندان نمي كاهد شعر اگرچه يك سفارش اجتماعي است در حد شعار هاي مألوف و صرف كه گاه از خاصيت چنين شعر هايي است ،باقي نمي ماند و چربش شاعر ي آن كار را تا تا حدي قابل توسع به مكان ها و زمان هاي ديگر مي كند. دو سويگي بعضي از مصرع ها ظرافت هاي خوبي به شعر مي دهد :قتل كه نكرده ام پشت مدارك جعلي زندگي كنم يا :سر به زير از باد كله ام عفو مي خواهم - راوي تنها خود را به خود معرفي كرده است كه اين جرم محسوب مي شود !و با طنزي كنايي كه به ايهام و مجاز هم مي زند تقاضاي عفو مي كند و با نوعي تجاهل العارف :-اصلن فكر كن اشتباهي كلماتي را تلقظ كرده ام /براي خنداندن تو- از اشتباهي مي گويد كه در اصل حقانيت است و خنداندني كه خود عين گريه ...موسي –عصا –فرعون-نيل-مار –و...وحدت موضوعي خوبي به شعر مي دهند عناصر شعري مألوف و معروف مثل موسي و فرعون و برخي از بندهاي روساختي و بند چهارم و بند پايان سويه هاي اجتماعي و مضمون گرايي شعر را گاه برجسته مي كنند و از تخيل ابداعي قدري دور ...كه كارهايي از اين نوع مي توانند با چربش شاعرانگي در تمام بندها و به كار گيري اسامي و اماكن و اساطير نو و ابداعي، قابل تعميم تر شوند براي زمان ها و مكان هاي ديگر .براي شاعر محترم شعر آرزوي شادكامي و توفيق دارم و بر قرار باشيد شما دوستان عزيز . &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;کیوان اصلاح پذیر:&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;شاعر دارد با یک نفر به حالت تعریض حرف میزند . گفتمانی یکطرفه و کنایه آمیز . وهنی بر او رفته است و اینک دارد انتقام میگیرد . در دو جای شعر دو سئوال هست که میتواند تکرار سئوال مخاطب ناپیدا باشد . میشود این دوسئوال را بعنوان گفتمان طرف محذوف در نظر گرفت و شعر را بصورت گفتمانی خواند :&lt;BR&gt;من فقط نیش می زنم ؟ کفش هایم طعم خون می دهند ؟ &lt;BR&gt;و یکی از پاسخ ها نشان میدهد که گوینده دختر است و مخاطب پدر :&lt;BR&gt;دخترت نیل های عجیبی دارد &lt;BR&gt;حالا میتوانیم به درون شعر گفتمانی دختر و پدر نگاه کنیم ظاهرا پدر میخواهد تا دخترش مثل بقیه دخترها رفتار کند . شوهر کند و بچه به دنیا بیاورد : به من چه که آن یکی ... هی توله قی میکند . از دخترش می خواهد به فکر درآمد و پول درآوردن باشد : به من چه که آن یکی ... طلا میکشد بیرون . &lt;BR&gt;در بند بعدی تعریض عجیبی وجود دارد که بسیار گستاخانه است . دختر ابتدا به گل روی سر پدر اشاره میکند : به گلی که روی سرت گذاشته ایم ! که احتمالا جوابی است به سئوال پدر که : چه گلی بر سرم گذاشته اید و سپس جوابی میدهد که در فرهنگ عامه ما معنای بدی دارد : همان را ... بینداز بالاتر . اگر همان را به گل برگردانیم و گل را بعنوان پوشش سر پدر که جایگزین کلاه است آن وقت این کنایه بسیار دردناک خواهد بود .  و این نکته در بند بعدی شعر تایید میشود : دخترت ... آبروی ترا شقه شقه کرده . در این شعر نامی از موسی و عصایش به میان آمده . پدر پیر از دختر ش میخواهد تا عصای او را تحویل بگیرد و راهش را ادامه دهد . اما از این بالاتر . او ازدخترش میخواهد تا با این عصا معجزه کند و ناکامی های او را جبران سازد . اما دختر با مار خواندن عصا ظاهرا میخواهد موسی بودن پدر را زیر سئوال ببرد و او را شعبده باز بخواند . این نکته در بند : دخترت نیل های عجیبی دارد ، تاکید میشود . میدانیم که موسی نیل را شقه کرد و این جا دختر نیلی است شقه شده . او پدر را متهم میکند که او را به جای نیل شقه کرده است . تعبیر بسیار شگرف و عمیقی از اسطوره . و بالاتر اینکه این را از نگاه پدر دریافته است . میشود مجسم کرد پدر به دختر گستاخ اش چگونه نگاه میکند !! اکنون به انتهای شعر نزدیک میشویم . زمان زمان اعلام مواضع دختر است . او نمی خواهد کسی جز خود باشد . نمی خواهد سایه پدر ادامه دهنده راه پدر باشد . زندگی پشت مدارک جعلی زیباترین روش برای این بیان است و قتل . کدام قتل . قتل شخصیت جعلی دختر به دست خود واقعی اش . به همین دلیل کفش هایش بوی خون میدهند . او شخصیت پدر - مانند خود را در پای کفش های شخصیت واقعی اش قربانی کرده است . و اکنون از پدر می خواهد تا او را این چنین که هست بپذیرد . و هشدار میدهد که فرعون با جعل عنوان خداوند در نیل غرق شد . در یک چرخش ناگهانی پدر را از مقام خود ساخته موسی به فرعون تبدیل میکند . اما انگار پدر بسیار دل آزرده شده است و دختر مهربانی دخترانه اش گل میکند و با اشتباهی خواندن تلفط کلمات عذر میخواهد شعر در مجموع بسیار قوی است . تقابل دونسل بخصوص وقتی قرار است دختر به جای پسر ادامه پدر باشد بسیار تراژیک است . تراژیک تر وقتی است که در پایان دختر علیرغم همه گستاخی و دفاع از موجودیت واقعی و مسقل خود ناچار به توبه میشود . این شعر بسیار صادقانه و بسیار شاعرانه است . به شاعر دست مریزاد میگویم . شعر پر است از صنایع کلامی - و نه بازی های کلامی - که ذکری از آن به میان نیاوردم . شعر بسیار محتوا گراست بدون آنکه شکل را فدای محتوا کرده باشد . به سلیقه گردانندگان وبلاگ در انتخاب این شعر سترگ تبریک میگویم .&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;سید حسن مبارز:&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;شروع وپايان شعر بسيار زيبابود و جذاب و استفاده ي خوب وزيبا از نماد هااا&lt;BR&gt;اما متاسفانه بيش از اندازه دچار جملات گفتاري شده است و اين مخاطب را مردد مي كند كه آيا شعري را مي خواند يا بخشي از رمان ...&lt;BR&gt;من این اثر را بيشتر پسنديدم بخاطر شروع وپايان قوي وخوب و عينيت گرايي آن &lt;BR&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;سید علی حجازی:&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;شاعر با دیدی نقادانه به هر چیز و همه چیز می نگرد در لابلای واژه های انتخابی او می شود و می توان فریاد را حس کرد و شنید اما این فریاد بردش تا کجاست و چه قدر می تواند خواب مردمان کام روا را آشفته کند؟&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;اینهمه عصا زیر دست ات &lt;BR&gt;فرض کن یکی ش مار شد&lt;BR&gt;از موسی که بیشتر نیستی !&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;شاعر تقدیر را اصل می داند یا که تسلیم شدن به آن را&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;به من چه که آن یکی &lt;BR&gt;دست می برد به خاک &lt;BR&gt;طلا می کشد بیرون ،&lt;BR&gt;این یکی دنیا را خورده &lt;BR&gt;هی توله قی می کند &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;می توان در این اشعار تلاش شاعر را دید با تلاشی اگر چه کم رمق اما مخالف سطور بالا &lt;BR&gt;اگر نمی توانی با سرنوشت بجنگی با خودت بجنگ . من فقط به تو هشدار می دهم یا که به خودم&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;من فقط نیش می زنم ؟&lt;BR&gt;به گلی که روی سرت گذاشته ایم ! &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;سعی کن تا آنجا که در توان داری از غم و درد یا که از نامردمی و نامرادی این دنیا بکاه &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;(همان را ... بینداز بالاتر&lt;BR&gt;دخترت نیل های عجیبی دارد &lt;BR&gt;آبروی تو را &lt;BR&gt;شقه شقه کرده) از نگاه ات شنیدم &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;و دست آخر این شاعر است که همانند تمامی روشنفکران .این قربانیان بهتر اندیشی و بیش بینی چیزی جز غمخواری و درد در شکل خوش بینی اش نسیبشان نمی شود و در آخر کار دیواری کوتاه تر از دیوار خود پیدا نکرده و نمی کنند و اینکه بلند فریاد بزنند &lt;BR&gt;اصلا خر ما از کره گی دم نداشت: &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;قتل که نکرده ام پشت مدارک جعلی زندگی کنم&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;خودم را به خودم معرفی کرده ام &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;و سر به زیر &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;از باد کله ام ، عفو می خواهم&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;از فرعون کمتری؟&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;اصلن فکر کن &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;اشتباهی کلماتی را تلفظ کرده ام &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;برای خنداندن تو همین! &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;در آخر کارو با عرض معذرت از شاعر&lt;BR&gt;میشه بیشتر روی گویش این شعر کار بشود قاطع تر و رک تر البته نه ساده تر که خیلی اوقات ایما و اشاره بیشتر کارساز است.&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;سیاوش سبزی :&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;این شعر با انتخاب لحن ومخاطب قرار دادن خواننده سعی درایجاد ارتباط کلامی دارد.به همین دلیل شاعر ناگزیر است به سمت شفاف بودن درمعنا و تا حدودی درزبان پیش برود.این قدمی مثبت در ثبت شعر در نظر خواننده است.اما ایرادی که دارد این است که این وضعیت و لحن و موقعیت شاعر وگوینده درمقابل مخاطب درونی و بیرونی شعر ازابتدا تا انتها ثابت وبدون تغییر موضع وموقعیت باقی مانده است واین مساله از ادبیات کلاسیک ما آب می خورد.وجزء سنت ادبی ماست.برای شاعر وشما دوستان آرزوی موفقیت دارم.&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=3&gt;&lt;STRONG&gt;پرستو ارسطو:&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;۱-برای درک بهتر شعر که در مجموع دیالوگی تشبیهی ست به ارکان واساس مشبه این دیالوگ میروم شاید زودتر به استباط برسم.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;اینهمه عصا زیر دست ات&lt;BR&gt;فرض کن یکی ش مار شد&lt;BR&gt;از موسی که بیشتر نیستی ! &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;شاعر در توصیف حالت این بند ،و مادی كردن حالت متوسل به اغراق در نهایت میشود و زیبایی این شعر هم از همین بند آغازین نمودار و منشاء لذتی میشود دور از انتظار مخاطب که ذهن مرا شگفت زده میکند بااینکه روان نویسی شاعر تلاش ذهنی ام را برای کشف کاسته است.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;به من چه که آن یکی&lt;BR&gt;دست می برد به خاک&lt;BR&gt;طلا می کشد بیرون ،&lt;BR&gt;این یکی دنیا را خورده&lt;BR&gt;هی توله قی می کند &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;گفتگو ودیالوگ فوق العاده جالب وتازه ای ست بین پدر وفرزندی خود آگاه! که خیلی طبیعی در هم آمیخته و هیاتی از دو نماد را به زیبایی تصویر می کند.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;من فقط نیش می زنم ؟&lt;BR&gt;به گلی که روی سرت گذاشته ایم ! &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;شاعر در توصیف صلاحیت دار بودن عقیده ی نماد کوچکتر به نکات فوق العاده ظریف بیان وزبانی متوسل میشود که از درشتی جواب پرخاش گونه ی فرزند تصویری مظلومانه و شرمزده ارائه میکند&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;2-(همان را ... بینداز بالاتر&lt;BR&gt;دخترت نیل های عجیبی دارد&lt;BR&gt;آبروی تو را&lt;BR&gt;شقه شقه کرده) از نگاه ات شنیدم &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;شعر روایتی شنیدنی ست و تصاویر آنقدر رئال ترسیم شده اند که من فکر میکنم از پنجره ی اتاق خود به جر وبحث این دوتن به گوش ایستاده ام شاعر تا حدی که به درک مفاهیم مورد نظر خود آسیبی نرسد ایجاز را رعایت کرده و استعاره ها رادر سراسر سروده محسوس وعینی ساخته وهمانگونه که پیش تر بیان کردم ذهن را با شگفتی ودرنگ در گیر و بارزترین عواطف واحساسات هردو نفر را بیان میکند . دختری که پا را از گلیم نسل پدری فراتر میگذارد و روی حرف خود می ایستد&lt;BR&gt;(بی اغراق باید اعتراف کنم که دلم نمیخواهد گفتگوی آنها پایان بگیرد)&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;به کفش های من گوش کن !&lt;BR&gt;...&lt;BR&gt;طعم خون می دهند ؟&lt;BR&gt;قتل که نکرده ام پشت مدارک جعلی زندگی کنم&lt;BR&gt;خودم را به خودم معرفی کرده ام&lt;BR&gt;و سر به زیر&lt;BR&gt;از باد کله ام ، عفو می خواهم&lt;BR&gt;از فرعون کمتری؟ &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;استدلال در مقابل کلیشه ی فرم گرفته ی موروثی! ذهن پدر که حقایق رنج آوری را عریان میکند کم نمی آورد(آفرین بر این نسل سوخته ولی آبدیده) و در تحریک احساسات برانگیزنده ای چون غیرت وهمیت از زبانی تیز بهره میبرد .ترکیب اجزائ این ویژگی های شعری به دیالوگ سندیت می بخشد &lt;BR&gt;زیبایی هر بند در گرو جزء جزء بند بعدی است كه شاعر خواسته ویا ناخواسته به بليغ‌تر و موثرتر کردن برایند دیالوگ نائل آمده    &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;3-&lt;BR&gt;اصلن فکر کن&lt;BR&gt;اشتباهی&lt;BR&gt;کلماتی را تلفظ کرده ام&lt;BR&gt;برای خنداندن تو همین!&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt; وبالاخره در پایان گفتگو بر اساس تربیت و روحیه ی شرقی باز این دختر روشنفکر و با جرات اخلاقی است که پا پیش می نهد و برای رفع آرزدگی خاطر پدر به لفاظی می پردازد و زیرکانه بی انکه باور و عقیده ی روشن خود را انکار کند پدر را وادار میکند که بپندارد که جملاتی که بین آن دو رد وبدل شده اشتباهی شنیده است &lt;BR&gt;پاساژ پایانی شعر برای من زیباترین حسن ختام برای شعر بود بقول آلمانی ها پایان که خوب باشد همه چیز وفق مراد میشود !&lt;BR&gt;شعر محکم و نیرومندی را خواندم که به مبحث نوع اندیشه وبرخورد آن میان دونسل زیر یک سقف پرداخته بود ارزشهای اخلاقی را محک زده بود &lt;BR&gt;لذت بردم بیشتر از آنچه که انتظار داشتم&lt;BR&gt;با درود به شاعر و شعر عاصی اش&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;پ ن:&lt;/STRONG&gt; دوستان عزیزی که برای نقد این شعر به راهو دعوت شده بودند اما ... ! اگر در اینجا بخواهند این کار را نقد کنند ، شدیدن به من بر می خورد ها ! گفته باشم !   &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Sun, 22 Nov 2009 09:51:18 GMT</pubDate>
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</item>
<item>
<title></title>
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<description>  
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;(۱)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;من &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;این همه آبی و صاف&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;می دیدم ات&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;وگرنه دریا&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;مرداب بزرگ تری ست&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;/FONT&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;(۲)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;هر وقت&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;روی عکسی که لبخند مصنوعی داشت ،&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;دست می کشم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;می گویی سیب !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;و من&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;دندان هایم را نشان ات می دهم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;تو &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;یکی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;یکی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;انگشت ات را پایین می آوری&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;و من&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;جا می مانم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;در روزهایی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;که &lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=4&gt;مثل برق گذشت !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Wed, 11 Nov 2009 11:35:18 GMT</pubDate>
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<title></title>
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<description>  
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;باید بدوم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تا از ثانیه هایی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;که خط خطی ام می کنند ،&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;رد شوم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;آنقدر شلوغ &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;که برای نداشتن وقت &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;خالی ببندم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;یادم برود &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;این چندمین بار است &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;پشت در &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;قال مرا می زنی؟&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و کلید&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;قال ماجرا را !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;راستی ! فردا چند شنبه بود &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;که اینهمه فرق می کردی؟&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;-فردا ، شنبه نداشت&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و تو کرکره ها را &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به پاهای من بستی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تا سایبان کُرکُری هایت باشم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;I&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/I&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;I&gt;&lt;FONT size=4&gt;گفته بودم&lt;/FONT&gt;&lt;/I&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;B&gt;قید&lt;/B&gt; کاری نداری را بزن&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;B&gt;&lt;FONT size=4&gt;فعلن &lt;/FONT&gt;&lt;/B&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;دیگر &lt;B&gt;کاری &lt;/B&gt;نیست&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;باید عادت کنی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به کج شدن خیابان&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;وقتی راست راست &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;توی چشم ات راه می روم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;شماره ها &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;هر چه پس و پیش بدوند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به صدایم نمی رسی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و کوچه &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;همیشه &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;پیچ اریبی دارد &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;برای پوچ شدن &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Sat, 31 Oct 2009 11:39:18 GMT</pubDate>
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<dc:creator>lilieta</dc:creator>
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</item>
<item>
<title></title>
<link>http://lilieta.blogfa.com/post-68.aspx</link>
<description> &lt;FONT size=4&gt;(۱)&lt;/FONT&gt; 
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;ای کاش&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;دوباره انگشتانت&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;آن دروغ شیرین را&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;از زیر کفن&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;روی گونه ی شورم &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;راست کنند :&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;&quot;دخترکم !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;خواب ِ تو چپ است&quot;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;/FONT&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;(۲)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;مادر &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;از صدای اذان&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;به قبله می پیچد &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;پتو به من &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;هوهوی پنجره        به بخاری&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;کلاغ می شویم      &lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=4&gt;هر سه&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;و از شرم یکدیگر&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=4&gt;رو می گیریم&lt;/FONT&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Sun, 18 Oct 2009 07:00:18 GMT</pubDate>
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<dc:creator>lilieta</dc:creator>
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</item>
<item>
<title></title>
<link>http://lilieta.blogfa.com/post-67.aspx</link>
<description>  
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;زورش به درخت نمی رسد ،&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;برگ ها را یکی یکی می کَنَد از تن اش&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;متجاوز دوست داشتنی ست؟&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;نصیحت ام نکنید&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;این شعر برای روح لطیف شما توصیه نمی شود&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;دندان های شیری ، اکیدن ممنوع !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;بد آموزی دارم &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;وقتی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;کوچه ها پر از بیست می شوند وُ صد آفرین خوش خوشکی ،&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;به پنج دقیقه آنورتر از دوازده و نیم می رسم&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;که مادر می فهمید &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;چند بستنی اضافه توی خیابان خندیده ام !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تقصیر من نیست &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;که جنس تمام ناظم های خط کشی را &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;مثل کف دست ام می شناسم ،&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;دیوار میان مان از &quot;اول&quot; خرده شیشه داشت&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;یادم نمی رود خودکاری که لای انگشتم یائسه شد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;برای جعل امضا در حد اردویی محدود به همین فصل از کتابی که&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;علوم می گفتند:&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;پاییز ، مرگِ درخت است و بهار تولدِ دوباره اش .&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;(یعنی تیر دوم از نشان اخلاق !)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;متذکر شدم: اشتباه به عرض تان رسانده اند ، خانم !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;پاییز ، خود ِ مرگ است که به جان برگ می افتد نه درخت !&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تولد ، سر ِ جای خود &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;اما این هیچ ربطی به رفته ها ندارد .&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;(یعنی تیر خلاص !)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و اینگونه شد که خیلی زود یک پا وُ دو دست بالا گرفتن ام گرفت &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;و هرگز نفهمیدم &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;مدیری که صورت اش از یک لوزی و چشم هاش از دو دایره بیرون نمی زد &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;چگونه آن چهارگوشه ی ناقص &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;اینهمه چشم داشت ؟&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;شاید همکلاسی هایم  مزد ِ دوری می گرفتند از خدایی که&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;گرفتن بلد بود و ُ پس گرفتن یادمان نداد&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;این است که کودک ام از درون &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;عقده می جود وُ &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;تیرش به خطا نشسته ، بیرون آمدن اش نمی آید&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;/FONT&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;پ ن:&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt; &lt;STRONG&gt;با تشکر فراوان از&lt;/STRONG&gt; &lt;STRONG&gt;&quot;مژگان ضحاکی&quot;ِ نازنین (طراح قالب) که مشکل قالب وبلاگ ام را&lt;/STRONG&gt; &lt;STRONG&gt;برطرف کردند.&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Wed, 23 Sep 2009 11:00:18 GMT</pubDate>
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<title></title>
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<description>&lt;BR&gt;
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl style=&quot;FONT-SIZE: 20pt&quot;&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;صورتی حتمن &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;با شاخه های بلند &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;و دوستم بداری که زیر ماه راه می رود&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: 18px&quot;&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt; روبه رو     شاید   از پشت سر&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;دستی که به قصد لبهایت &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;چشم می گذارد&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: 18px&quot;&gt;&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: 18px&quot;&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;باران هنوز روی زبان اش بند می آید؟&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;وقتی رنگین کمان دروغ ازآب ...!&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;اصلن آفتابی می شود پای سکوت خیس شیشه &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;برای کشیدن صورتکی که &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot; align=right&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;توی همان کوچه ها گم شد؟&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: 18px&quot;&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;یادت نرود&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;شقیقه اش را رنگ کن&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;قهوه ای لطفن&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;FONT size=4&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;تا دوست&lt;/FONT&gt; &lt;FONT size=4&gt;دارمتی &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;SPAN&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt; &lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;که&lt;/FONT&gt; &lt;/SPAN&gt;&lt;SPAN&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt; &lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;رشته بودم&lt;/FONT&gt; &lt;/SPAN&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt;&lt;FONT size=4&gt;پنبه اش را نه چیده باشی &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P class=&quot; &quot; style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA dir=rtl&gt;&lt;SPAN&gt;&lt;SPAN class=Apple-style-span style=&quot;FONT-SIZE: large&quot;&gt; &lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Sat, 29 Aug 2009 08:54:18 GMT</pubDate>
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&lt;span class=&quot;Apple-style-span&quot; style=&quot;font-size: 18px; &quot;&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span class=&quot;Apple-style-span&quot; style=&quot;font-size: 18px; &quot;&gt;تن ام بوی معراج می دهد و ُ&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span class=&quot;Apple-style-span&quot; style=&quot;font-size: 18px; &quot;&gt;مردی از دامن ام بالا نمی رود !&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span class=&quot;Apple-style-span&quot; style=&quot;font-size: 18px; &quot;&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;







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<pubDate>Tue, 18 Aug 2009 17:26:18 GMT</pubDate>
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